चित्तौडग़ढ़ नगर परिषद के उप सभापति भरत जागेटिया और उनके भाई को वर्ष २०१२ में भूमि नियमन पट्टा जारी होने के पांच साल बाद बारह लाख रूपए की राशि लौटाने के मामले में क्षेत्रीय उप निदेशक की जांच में दोषी पाए जाने के बाद अब विभाग के निदेशक पवन अरोड़ा ने नगर परिषद सभापति सुशील शर्मा व उप सभापति भरत जागेटिया से स्पष्टीकरण मांगा है। समझा जा रहा है कि इस मामले में निलंबन की तलवार लटक सकती है।
-स्वायत शासन विभाग के निदेशक ने मांगा स्पष्टीकरण -लटक सकती है निलंबन की तलवार -उप सभापति भरत जागेटिया से जुड़ा हुआ है मामला चित्तौडग़ढ़. चित्तौडग़ढ़ नगर परिषद के उप सभापति भरत जागेटिया और उनके भाई को वर्ष २०१२ में भूमि नियमन पट्टा जारी होने के पांच साल बाद बारह लाख रूपए की राशि लौटाने के मामले में क्षेत्रीय उप निदेशक की जांच में दोषी पाए जाने के बाद अब विभाग के निदेशक पवन अरोड़ा ने नगर परिषद सभापति सुशील शर्मा व उप सभापति भरत जागेटिया से स्पष्टीकरण मांगा है। समझा जा रहा है कि इस मामले में निलंबन की तलवार लटक सकती है। परिषद में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस के संदीप शर्मा ने स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक एवं संयुक्त सचिव पवन अरोड़ा को शिकायत की थी कि भरत कुमार जागेटिया ने उप सभापति पद का कार्य ग्रहण करने के बाद सभापति सुशील कुमार शर्मा के साथ षडय़ंत्र पूर्वक मिलीभगत कर पद का दुरूपयोग किया। उप सभापति ने १३ फरवरी २०१७ को अपने भाई अशोक कुमार जागेटिया से परिषद के समक्ष एक आवेदन इस आशय का पेश करवाया कि प्रार्थी को वर्ष २०१२ में जो पट्टा जारी किया गया था, उसमें भूलवश अधिक राशि जमा हो गई थी, उसे ...