किसान कर्जमाफी में फर्जीवाड़े को लेकर राजस्थान सरकार ने उठाया बड़ा कदम
जयपुर। राजस्थान के सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना का कहना है कि विभाग ने पिछली सरकार की ओर से किसानों की कर्जमाफी में अनियमितताओं की जांच का आदेश दिया है। आंजना ने कहा कि राज्य में जहां भी गड़बड़ी हुई है उसकी जांच करवाई जाएगी। इस संबंध में अपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक को विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है।
आपको बता दें कि राजे सरकार ने पिछले साल किसानों के 50,000 रुपए तक के कृषि ऋण माफ करने की घोषणा की थी। डूंगरपुर, भरतपुर और चुरू जिले में कुछ सहकारी समितियों से फर्जी लोगों को कृषि कर्ज दिए जाने और कर्जमाफी का फायदा लेने के कथित मामले सामने आए हैं। सहकारिता मंत्री ने बताया कि 2018 में की गई कर्जमाफी से लाभान्वित सभी किसानों की सूची संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति पर लगाई जा जा रही है।
इससे किसान खुद की कर्जमाफी का सत्यापन कर सकेंगे। अगर किसी किसान ने कर्ज नहीं लिया है और उसका नाम कर्जमाफी में शामिल है तो वह उसकी रिपोर्ट संबंधित बैंक के प्रबंध निदेशक को दे जिससे कि उसके साथ हुई धोखाधड़ी के संबंध में उचित कार्रवाई की जा सके। सहकारिता रजिस्ट्रार नीरज पवन ने के अनुसार, डूंगरपुर जिले की गोवाड़ी, गामड़ा और जेठाणी के संबंध में शिकायत मिलते ही उनके बैंक से लेन-देन के अधिकार समाप्त कर दिए गए हैं।
साथ ही सागवाड़ा शाखा के ऋण पर्यवेक्षक को निलंबित कर दिया गया है। नीरज का कहना है कि इस बारे में डूंगरपुर के जिला कलेक्टर से बातचीत की गई है और प्रकरण की पूरी जांच के लिए टीमों में एक-एक पटवारी औप ग्राम सेवक को भी लगाया जाएगा। इसके अलावा भरतपुर और चुरू जिले में हुए फर्जीवाड़े की जांच के लिए टीमें भेजी गई हैं।
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