भगवान को नहीं मानते थे दुनिया के सबसे महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिन्ग, लेकिन मौत के करीब आते ही हो गया था ईश्वर का अहसास

पहले कहा था ईश्वर ने नहीं बनाया ब्रह्मांड, फिर क्यों अपनी बात से पलट गए थे?

ऑक्सफोर्ड. इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड में जन्मे दुनिया के सबसे महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग लंबे समय तक ईश्वर के अस्तित्व को नकारते रहे। उन्होंने अपनी कई किताबों में लिखा कि ईश्वर का अस्तित्व नहीं है। लेकिन ऐसा दावा किया जाता है कि हॉकिंग को अपनी मौत के वक्त कहीं न कहीं ईश्वर के अस्तित्व पर भरोसा होने लगा था। उनकी लिखी गई आखिरी किताब में इस ओर इशारा मिलता है। यहां भी स्टीफन ने पूर्ण रूप से ये नहीं माना की ईश्वर है, वो सिर्फ एक अलौकिक शक्ति की बात करते रहे। आज स्टीफन हॉकिंग के जन्मदिन (8 जनवरी 1942) पर हम आपको बता रहे हैं ब्रम्हांड को लेकर उनकी कही गई आखिरी बात।ब्रह्मांडके कई रहस्य खोल...- स्टीफन हॉकिंग का एक लंबी बीमारी के बाद 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। महज 21 वर्ष की ही आयु में स्टीफन को एमियोट्रोफिक लैटरल स्क्लेरोसिस नाम की बीमारी हो गई थी, जिसकी वजह से उनके शरीर के तमाम अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। इस बीमारी से पीड़ित लोग अधिकतम 2 से 5 वर्ष जिंदा रहते हैं, लेकिन स्टीफन हॉकिंग 55 साल तक और जिए। इन 55 सालों में स्टीफन ने व्हील चेयर पर रहते हुए ब्रह्मांड के कई रहस्य खोले।
- स्टीफन हॉकिंग ने ब्लैक होल और बिग बैंग थ्यौरी को समझाने में अहम भूमिका निभाई थी। स्टीफन बोल भी नहीं पाते थे। इसलिए वो अपने चश्मे में लगे सेंसर को कंप्यूटर से जोड़कर लोगों से एक आर्टिफिशियल वॉइस के जरिए बात करते थे। इसी तरह उन्होंने कंप्यूटर की मदद से किताब भी लिखी, जो उनकी मौत के बाद पब्लिश हुई।भगवान ने नहीं की ब्रह्मांड की रचना तो फिर कौन?स्टीफन हॉकिंग का जन्म 8 जनवरी 1942 को इंग्लैंड में हुआ था। प्रख्यात  वैज्ञानिक गैलीलियो की मृत्यु के ठीक 300 वर्ष बाद। वहीं उनकी मृत्यु 14 मार्च 2018 को हुई थी। उनकी मृत्यु के बाद आई उनकी किताब ''ब्रीफ आंसर टू बिग क्वेश्चन'' की भी रिकॉर्ड बिक्री हुई है। इसमें उन्होंने ब्रह्मांड की कई अनजान शक्तियां और एलियंस के अस्तित्व को लेकर भी बहुत से हैरान कर देने वाले जवाब दिए है।

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