पुलिस व गौरक्षकों ने ट्रक में भरा 54 गौवंश मुक्त कराया
ट्रक में बने है दो पार्टिशन प्रतापगढ़ जिले से निकलने वाले ट्रकों में गोवंश की सूचना पर पुलिस और गोरक्षकों ने शुक्रवार तडक़े नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक से 54 गोवंश मुक्त कराया।उक्त ट्रक में दो पार्टिशन बनाए हुए थे। इनमें गोवंश को ठूंस-ठूंसकर भरा हुआ था। अंधेरा होने से तीन गो तसकर भाग निकले। ट्रक के नंबर के आधार पर गोतस्करों की तलाश की जा रही है। पशुक्रूरता निवारण समिति के कार्यकारी सचिव रमेशचन्द्र शर्मा एवं सदस्य सचिन पटवा को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि रात्रि में छोटीसादडी की तरफ से गौवंश से भरा हुआ ट्रक प्रतापगढ़ होकर बांसवाडा होते हुए गुजरात कत्लखाने ले जाया जाएगा। इस पर उन्होंने वृत्त निरीक्षक बाबूलाल मुरारिया को मुखबिर की सूचना से अवगत कराया। वृत्त निरीक्षक बाबूलाल मुरारिया ने गौवंश तस्करी रोकने के लिए पुलिस टीम का गठन कर बगवास में एनएच 113 पर नाकाबंदी शुरू की। टीम में उन्होंने रात्रि गश्त प्रभारी एएसआई भरतलाल गुर्जर, पारसकुमार शर्मा, हैड कांस्टेबल राजपालसिंह, ओमवीरसिंह, सोहनलाल को तैनात किया। इस दौरान गोरक्षक भी नाकाबंदी में पहुंच गए। तडक़े करीब साढ़े तीन बजे छोटीसादडी की तरफ से आते ट्रक को रूकवाकर तलाशी ली तो ट्रक में गौवंश भरा हुआ था। ट्रक से तीन लोग नीचे उतरे जो अपने नाम आजाद खां, सलीम खां एवं बाबू खां बता रहे थे। इसी दौरान वे लोग एक-दूसरे को इशारा करते हुए अंधेरे में भाग गए। पुलिस को ट्रक में से दो सिम वाला मोबाईल मिला। गौवंश तस्करी में लिप्त व्यक्तियों के बारें में उसमें पूरी डिटेल थी। पुलिस ने गौरक्षको के सहयोग से कांठल गौशाला प्रतापगढ़़ में गौवंश को ट्रक से खाली कराया। पुलिस ने राजस्थान गौवंश अधिनियम एवं पशुकु्ररता निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। आरोपितों में धोलापानी छोटीसादडी के बहुचर्चित प्रकरण में गिरफ्तार आरोपी आजाद खां भी गौवंश तस्करी में शामिल था। जो मौके से भाग गया। कई गोवंश घायल दो पार्टिशन में कुल 54 गौवंश को ठूंस-ठंूसकर भरा हुआ था। सभी के पैरों में रस्सियां बांध रखी थी। जिसमें से कई गौवंश घायल हो गए। शरीर पर चोटों के निशान थे जिनको मौके पर पशु चिकित्सक लक्ष्मीलाल राठौड़ एवं काईन हाउस प्रभारी दिलीप तिवारी ने उपचार किया।
गोवंश के लिए तैयार किया हुआ ट्रक इस ट्रक को गौवंश तस्करी के लिए विशेष रूप से निर्मित कर रखा है। जिसमें दो पार्टिशन निर्मित किए हुए थे। ट्रक में एक एक्जास्ट फेन लगा हुआ था। इस ट्रक का उपयोग गौवंश तस्करी के लिए ही काफी समय से किया जा रहा था। पुलिस ने वाहन स्वामी के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
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