बांसवाड़ा : फिर एक बार बिजली का तार टूटकर गिरा, बच्चों से भरी स्कूल वैन पर मंडराई मौत
कुछ दिन पहले ही हादसे में जिंदा जल गया था युवक....
कुशलगढ़. जर्जर खंभों पर झूलतें तारों की मंडराती मौत को लेकर भी विद्युत वितरण निगम के जिम्मेदार अधिकारी उदासीन बने हुए है। नगर में गत आठ दिन में दो बार विद्युत तार टूटने की घटनाएं हो चुकी है। इसमें एक युवक जिंदा चलने की घटना के बाद भी निगम के अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। इधर बुधवार सुबह भी सरदार पटेल मार्ग पर ओसवाल नोहरा के समीप विधुत तार टूटकर नीचे गिरा। तार में चिंगारियां उठती देख लोगों में दहशत फैल गई। जहां तार गिरा उसके समीप ही एक निजी विद्यालय संचालित है। घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर बच्चों से भरी एक स्कूल वैन को समय रहते रोक लिया अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
खतरे पर खतरा
हादसे से पूर्व कोई भी विभाग सचेत नहीं होना चाहता। सोए प्रशासन को जगाने की कोशिश भी नाकाम ही साबित होती है। कुछ ऐसा ही नजारा कुशलगढ़ नगर में आए दिन हो रहा है। विद्युत वितरण निगम की लापरवाही के चलते झूलते तारों व खुले टांसफार्मर से लोगों की जान खतरे में है। नगर के अधिंकांश मार्गों पर 11 केवी हाईटेंशन व अन्य लाइनों के कई स्थानों पर झूलते तार लोगों की टेंशन बढ़ा रहे हैं। कई स्थानों पर तार जमीन को छू रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश है।
इनका कहना है...
निजी स्कूल संचालक प्रशान्त नाहटा ने बताया कि घटना की सूचना देने पर डिस्कॉम के अधिकारी ने कहा कि तार टूटकर तो नीचे ही गिरेंगे। इससे पूर्व भी झूलते तारों को लेकर शिकायत करने पर संबधित किसी अधिकारी ने संतोषपूर्वक जवाब नहीं दिया। व्यापारी नरेश गादिया ने बताया कि नगर में चारों तरफ डाली गई 11 केवी व अन्य लाइने 50 साल से अधिक पूरानी व झुलते तारो के कारण नगर में ओवरलोडिंग वाहनो के प्रवेश से हमेशा हादसे का अंदेशा बना रहता है।
मोबाइल व्यापारी संदीप टांक नें बताया कि कई जगह बिजली के तार झोल खा रहे हैं। कई बार शार्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं हो चुकी है। चार दिन पूर्व पोटलीया बाइपास पर हुई घटना के महज कुछ ही सैकंड पूर्व में उसी रास्ते से निकला था। अधिकारियो की लारवाही कभी कहर बरपाएगी। भाजपा नेता कमलेश बारोडीया ने बताया की टीमेडा बस स्टेण्ड क्षेत्र में यातायात का दबाव अधिक रहता है। यहां झूलते तारों से आए दिन हादसे का अंदेशा बना रहता है। कुछ दिन पूर्व कपास से भर ट्रक लाइन को छू गया। फिर भी सुनवाई नहीं हुई।
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