भारतीय संस्कृति का मूल तत्व आर्य वृत-आर्या, आर्य पद्धत्ती ने धर्म को सीधे जीवन से जोड़ा-कृपलानी,
भारतीय संस्कृति का मूल तत्व आर्य वृत-आर्या,
आर्य पद्धत्ती ने धर्म को सीधे जीवन से जोड़ा-कृपलानी,
ग्राम फाचर अहिरान में चल रही पांच दिवसीय संगीतमय वेद कथा का समापन रविवार रात्रि को हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला पुरूषों ने भाग लिया। इस अवसर पर भजनोपदेशिका अंजली आर्या ने विभिन्न प्रसंगो की व्याख्या करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति का मूल तत्व आर्य वृत में है जो मानव जीवन को जीने के सफल रास्ते बताता है। उन्होनें व्यसन मुक्ति का संदेश देते हुए कहा कि जिस तरह मंदिर की साफ सफाई रखी जाती है, उससे सिख लेना चाहिए और भगवान ने जो शरीर रूपी मंदिर दिया उसे भी व्यसन मुक्त रखना चाहिए। स्वच्छता जीवन को उत्थान की और ले जाती है।
यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने भी जनप्रतिनिधियों के साथ पहुंचकर वेद कथा का श्रवण किया एवं भजनोपदेशिका आर्या का स्वागत करते हुए अपने संबोधन में कहा कि प्राचिन काल से ही देश में आर्य पद्धत्ती ने धर्म को सीधे जीवन से जोड़कर लोगो को सुसंस्कृत शिक्षा देकर जीवन को सफल बनाने के गुर दिए। कोटपुतली के वानप्रस्थी ओम मुनी, पूर्व विधायक अशोक नवलखा, पालिका अध्यक्ष कन्हैयालाल पंचोली, प्रदीप मोदी, भुपेन्द्रसिंह बडोली ने भी आर्या का स्वागत किया। ग्राम के मोतीलाल अहीर, जगदीश अहीर, उंकारलाल अहीर, किशनलाल अहीर, मांगरोल के कैलाश जाट, अशोक जाट, सुभाष दक, निंबाहेड़ा आर्य समाज के प्रधान विक्रम आंजना, बसेडा के गोवर्धन पहलवान, उदयलाल पहलवान सहित बड़ी संख्या में आस पास के गांवो के भक्तजन उपस्थित थे। महाआरती के पश्चात प्रसाद वितरित किया गया।
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