दहेज हत्या के अभियुक्त को 10 वर्ष का कठोर कारावास के साथ 5 हजार रुपए का अर्थदंड
प्रतापगढ़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेन्द्रसिंह ने अपने एक महत्वपूर्ण प्रकरण में मंगलवार को दहेज हत्या के अभियुक्त को 10 वर्ष के कठोर कारावास सजा सुनाई है। उस पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। लोक अभियोजक तरुणदास बैरागी ने बताया कि रठांजना थाने में पांच नवम्बर 2013 को हंसमुख पुत्र फूलचंद हरिजन निवासी धमोतर दरवाजा प्रतापगढ़ ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि उसकी पुत्री सरोज की शादी 20 अप्रेल 2007 को रठांजना निवासी अशोक उर्फ सोनू से कराई थी। शादी के एक वर्ष बाद ही सरोज से देहज की मांग करता तथा पुत्र नहीं होने का ताना देता था। चार नवंबर रात को को सरोज ने हंसमुख को फोन किया कि ये लोग मुझे मार देंगे।.
रात को ही उसे आग लगाकर जला दी।
इस पर रठांजना पुलिस ने मामला दर्ज किया।जिसमें उपखंड अधिकारी ने मृतका के शव का मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराकर लाश को उसके परिजनों को सुपुर्द की।बयानों से मामला अपराधिक प्रकरण का पाए जाने से रठांजना पुलिस ने दहेज हत्या में मामला दर्ज किया।
अभियुक्त सोनू उर्फ अशोक हरिजन और उसकी माता अन्नू बाई के विरुद्ध न्यायालय में चालान पेश किया गया। न्यायालय ने अभियुक्त को
10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।दहेज हत्या बड़ा मामला।
न्यायालय में प्रकरण को गंभीर मानते हुए और टिप्पणी की। जिसमें बताया कि देश में महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ रहे हैं। जिसमें शादीशुदा महिलाएं को दहेज तथा अन्य तरीकों से प्रताडि़त कर हत्या होने की घटना बड़ी है। जो समाज में अच्छा संकेत नहीं जा रहा है।
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